लाइव, जेएनयू के बयान पर सीपीआईएमएल बोली- आप एक यूनिवर्सिटी हैं, बीजेपी के प्रवक्ता नहीं

जेएनयू ने अपने स्टूडेंट्स और प्रोफ़ेसरों को दिल्ली के जंतर-मंतर या उसके आसपास आयोजित होने वाली किसी भी सभा में शामिल होने से बचने की सलाह दी.

सारांश

लाइव कवरेज

दीपक मंडल, अरशद मिसाल

  1. जेएनयू के बयान पर सीपीआईएमएल बोली- आप एक यूनिवर्सिटी हैं, बीजेपी के प्रवक्ता नहीं

    CPIML

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    इमेज कैप्शन, सीपीआई(एमएल) ने एक्स पर पोस्ट कर जेएनयू प्रशासन पर बीजेपी के प्रवक्ता की तरह काम करने का आरोप लगाया है (सीपीआईएमएल नेता दीपांकर भट्टाचार्य- फ़ाइल फ़ोटो)

    सीपीआई(एमएल) ने जेएनयू से कहा- आप एक यूनिवर्सिटी हैं, बीजेपी के प्रवक्ता नहीं.

    सीपीआई(एमएल) ने एक्स पर पोस्ट कर जेएनयू प्रशासन पर बीजेपी के प्रवक्ता की तरह काम करने का आरोप लगाया है.

    सीपीआई(एमएल) ने एक्स पर लिखा, "भारत का संविधान हर नागरिक को अभिव्यक्ति की आज़ादी, शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने और संगठन बनाने का अधिकार देता है."

    "यह मत भूलिए कि आप एक विश्वविद्यालय हैं, बीजेपी के प्रवक्ता नहीं."

    पार्टी ने आगे कहा, "विश्वविद्यालयों का काम इन संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है, न कि उनके शांतिपूर्ण इस्तेमाल को हतोत्साहित करना है."

    दरअसल, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने शुक्रवार को अपने स्टूडेंट्स और प्रोफ़ेसरों को दिल्ली के जंतर-मंतर या उसके आसपास आयोजित होने वाली किसी भी सभा में शामिल होने से बचने की सलाह दी.

    एक दिन पहले, गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी ऐसा ही एक बयान जारी किया था, जिसकी राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने आलोचना की थी.

  2. युवाओं के समर्थन में उतरीं सारा अली खान, बोलीं- स्टूडेंट्स की आवाज़ सुननी होगी

    सारा अली ख़ाना

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    इमेज कैप्शन, सारा ने लिखा, "उनके सपने हमारे सपनों से जुड़े हैं और हमारे सपने भी उन्हीं के सपनों में बसते हैं" (फ़ाइल फ़ोटो)

    बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान ने स्टूडेंट्स के समर्थन में अपनी बात रखी है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि देश के स्टूडेंट्स ही भारत का भविष्य हैं और उनका भविष्य पूरे देश से जुड़ा हुआ है.

    सारा अली ख़ान ने लिखा, "हमारे स्टूडेंट्स, हमारा भविष्य हैं. बेहतर और सुरक्षित भविष्य के लिए उनका हौसला और संघर्ष प्रेरित करने वाला है. वे जिस साहस के साथ अपनी बात रख रहे हैं, वह हम सभी को सोचने पर मजबूर करता है."

    उन्होंने कहा, "स्टूडेंट्स की बात खुले दिल से सुननी चाहिए, उनकी परवाह करनी चाहिए और उनके साथ खड़े रहना चाहिए."

    सारा ने लिखा, "उनके सपने हमारे सपनों से जुड़े हैं और हमारे सपने भी उन्हीं के सपनों में बसते हैं."

    सारा अली खान ने अपनी पोस्ट के आखिर में सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सरकार छात्रों को न्याय देगी.

    नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर स्टूडेंट्स पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया था.

    इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे.

    इसके बाद बॉलीवुड के कई अभिनेता और अभिनेत्रियों ने छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज़ उठाई है.

  3. प्रदर्शन के बीच अगले निर्देश तक नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद

    डीएमआरसी

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    इमेज कैप्शन, डीएमआरसी ने इस असुविधा के लिए खेद भी जताया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    शुक्रवार को नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को भी अगली सूचना तक बंद कर दिया गया है.

    दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. डीएमआरसी ने यह भी बताया कि अगली सूचना तक इंटरचेंज की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होगी. डीएमआरसी ने इस असुविधा के लिए खेद भी जताया है.

    दिल्ली में शुक्रवार को जंतर-मंतर के पास चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के चलते दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशन बंद कर दिए गए. यह जानकारी डीएमआरसी ने दी.

    सुबह 7:30 बजे 17 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए थे. इसके कुछ घंटे बाद न्यू दिल्ली मेट्रो स्टेशन को भी बंद कर दिया गया.

    न्यू दिल्ली के अलावा लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालन मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए गए.

  4. संजय मांजरेकर बोले, 'युवाओं की आवाज़ दबाने की कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी'

    संजय मांजरेकर

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    इमेज कैप्शन, पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर (फ़ाइल फ़ोटो)

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर और जाने-माने कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''यह सिर्फ़ नीट पेपर लीक का मामला नहीं है. यह लोकतंत्र में अपनी आवाज़ दबाए जाने की भावना और मुख्यधारा के मीडिया की कथित ब्रेनवॉशिंग के ख़िलाफ़ एक विद्रोह है.''

    ''दो बच्चों का पिता होने के नाते मैं अपने अनुभव से जानता हूं कि आज के युवाओं की आवाज़ दबाने या उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी.''

    नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ दिल्ली के युवाओं का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है. युवाओं का कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की उनकी मांग ख़त्म नहीं हुई है.

    हालांकि पेपर लीक के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करते हुए अनशन पर बैठे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर चुके हैं.

  5. अब तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप विस्तार से पढ़ सकते हैं.

    'हम कॉकरोच हैं, ऐसे पीछे हटने वाले नहीं': जय भीम के नारे, आज़ादी-आज़ादी के गाने, जेन-ज़ी धरना स्थल पर क्या कर रहा है?

  6. दिल्ली यूनिवर्सिटी के बाद अब जेएनयू ने भी कहा- 'स्टूडेंट्स जंतर-मंतर गए तो होगी कार्रवाई'

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन जारी है

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    इमेज कैप्शन, दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन जारी है

    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने अपने स्टूडेंट्स और शैक्षणिक समुदाय के सदस्यों को दिल्ली के जंतर-मंतर या उसके आसपास आयोजित होने वाली किसी भी सभा में भाग लेने से बचने की सलाह दी है.

    इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी भी अपने स्टूडेंट्स को ऐसा ही निर्देश दे चुकी है.

    जेएनयू ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “जेएनयू के शैक्षणिक समुदाय से जुड़े सभी लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ज़िम्मेदारी से व्यवहार करें और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें. भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सार्वजनिक प्रदर्शनों से जुड़े निर्देशों के अनुसार, आपसे अनुरोध है कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर या उसके आसपास होने वाली किसी भी सभा में भाग लेने या वहाँ जाने से परहेज़ करें.”

    “सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी ज़िम्मेदारी के साथ करें. नियमों का उल्लंघन करने पर लागू क़ानूनों के तहत कार्रवाई के साथ-साथ विश्वविद्यालय की आचार संहिता के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है.”

    आपसे यह भी अपेक्षा की जाती है कि आप शैक्षणिक ज़िम्मेदारी और ज़िम्मेदार नागरिकता के मूल्यों का पालन करें.

    इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपने स्टूडेंट्स से कहा था कि वे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाने से बचें. दिल्ली यूनिवर्सिटी के इस निर्देश के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि यूनिवर्सिटी छात्रों को ‘धमकी’ नहीं दे सकती.

  7. डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी ज़हाजों के नुक़सान की भरपाई का तरीका बताया तो ईरान क्यों भड़का, योलांद नेल, मध्य पूर्व संवाददाता ओतिली मिशेल

    डोनाल्ड ट्रंप

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में मौजूद फ़्रीज़ ईरानी संपत्तियों का इस्तेमाल ज़हाजों, उनके माल या उनसे जुड़े किसी भी नुक़सान की भरपाई के लिए किया जाएगा.

    वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने ट्रंप के इस बयान पर पलटवार करते हुए इसे "भड़काऊ " बताया.

    जबकि ट्रंप ने अपने प्रस्ताव को "निष्पक्ष और न्यायसंगत" बताया.

    इस बीच, अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने लगातार 13वीं रात ईरान पर हमले किए हैं.

    ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक़ इन हमलों में चार लोगों की मौत हुई है और पांच अन्य घायल हुए हैं.

    ताज़ा हमले ऐसे समय हुए हैं जब यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों पर हमला करने का दावा किया है.

    इस बीच, वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बढ़ते ख़तरे की आशंकाओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज़ बढ़ोतरी हुई है. कच्चे तेल की क़ीमतें बढ़कर अब 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है.

  8. राहुल गांधी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कहा, 'आपकी स्टूडेंट्स को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई'

    राहुल गांधी

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    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के उस निर्देश पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें स्टूडेंट्स से जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन से दूर रहने को कहा गया है.

    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने पर छात्रों को धमकाने की आपकी हिम्मत कैसे हुई? याद रखिए, समय आने पर आपको ही इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा.''

    दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपने स्टूडेंट्स को निर्देश देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा , ''आपकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली कोई भी गैरकानूनी सभा या प्रदर्शन, जो भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक सख़्ती से रेगुलेटेड है, कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकते हैं.''

    ''ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से छात्रों की व्यक्तिगत सुरक्षा को गंभीर ख़तरा हो सकता है.''

    ''साथ ही, इससे उनकी पढ़ाई और भविष्य के पेशेवर अवसरों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है.''

    ''इसलिए सभी स्टूडेंट्स से आग्रह है कि वे जंतर-मंतर से दूर रहें, अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और कानून का पालन करें.''

    नीट-यूजी परीक्षा पेपर के लीक होने के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग लेकर अब भी बड़ी तादाद में स्टूडेंट्स जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    हालांकि उनके इस्तीफ़े की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अपना अनशन ख़त्म कर चुके हैं.

  9. सोनम वांगचुक पर बोलीं महुआ मोइत्रा,'अनशन तोड़ना ही था तो किसी और के हाथ से तोड़ लेते सर'

    महुआ मोइत्रा

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    सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है.

    तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा ने वांगचुक की उस तस्वीर को शेयर करते हुए एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया है, जिसमें वांगचुक केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के हाथ से जूस पीकर अपना अनशन तोड़ रहे हैं.

    महुआ मोइत्रा ने लिखा, ''अनशन तोड़ना ही था तो किसी और के हाथ से तोड़ लेते सर. ऑप्टिक्स नाम की भी कोई चीज़ होती है.’

    उन्होंने एक दूसरी पोस्ट में लिखा, ''प्रिय वांगचुक, हम आपका सम्मान करते हैं. लेकिन प्रदर्शनकारियों से देशभर में घूमकर प्रधानमंत्री जी को एक रिपोर्ट सौंपने का सुझाव काम नहीं करेगा. कृपया सरकार के जाल में न फँसें और 26 दिनों में हासिल की गई नैतिक बढ़त को कमज़ोर न करें. यह आंदोलन इससे कहीं आगे जा चुका है.''

    उन्होंने लिखा, ''आपको अनशन ख़त्म करते देखकर बहुत ख़ुशी हुई. कृपया आराम कीजिए और अपनी सेहत का ख़्याल रखिए. साथ ही, कृपया यह भी सुनिश्चित कीजिए कि सरकार अब आंदोलन को तोड़ने की कोशिश के लिए आपकी आवाज़ का इस्तेमाल एक औज़ार के तौर पर न कर सके. शुक्रिया.''

    गौरतलब है कि सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में गुरुवार मध्य रात्रि के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी भूख हड़ताल ख़त्म कर दी.

    एक्स पर हॉस्पिटल की तस्वीर साझा करते हुए सोनम वांगचुक ने लिखा, "अभी कुछ देर पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने 26 दिनों बाद अपना उपवास तोड़ा."

  10. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- 'इसराइल को मान्यता दे सऊदी अरब तभी लागू होगा न्यूक्लियर एग्रीमेंट', रॉबर्ट ग्रीनॉल

    डोनाल्ड ट्रंप

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और सऊदी अरब के बीच सिविल न्यूक्लियर एनर्जी समझौता तभी लागू होगा जब सऊदी अरब इसराइल को एक संप्रभु राष्ट्र के तौर पर मान्यता दे दे.

    ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, " सिविल न्यूक्लियर एनर्जी समझौते को मंजूरी दी जाएगी. यह समझौता सिर्फ़ सिविल मक़सद के लिए है. लेकिन इसकी मंजूरी पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि सऊदी अरब प्रतिष्ठित और सफल अब्राहम समझौतों में शामिल होता है या नहीं."

    हालांकि, यह तुरंत साफ़ नहीं हो पाया कि इसराइल को मान्यता देने और अब्राहम समझौतों में शामिल होने की यह शर्त उस परमाणु समझौते के मूल दस्तावेज़ का हिस्सा है या नहीं.

    इस समझौते का टेक्स्ट अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. ये भी अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि सऊदी अरब ने इस शर्त को स्वीकार किया है या नहीं.

  11. सोनिया गांधी ने कहा, 'छात्रों ने मोदी सरकार की पोल खोल कर रख दी'

    सोनिया गांधी

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    कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को कहा कि स्टूडेंट्स ने जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है, लेकिन मोदी सरकार ने उनके साहस का जवाब "कायरता और बर्बरता" से दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ उन्होंने कहा, ''सरकार ने छात्रों को देश के भविष्य का निर्माण करने वाले नागरिकों के बजाय राष्ट्र का दुश्मन समझकर उनके साथ व्यवहार किया है.''

    उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने भारत की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया है. उनका कहना था कि देश के छात्रों ने मोदी सरकार के दावों और दंभ की पोल खोल दी है.

    सोनिया गांधी ने कहा कि स्टूडेंट्स के साथ खड़ा होना और उनके भविष्य की रक्षा करना हमारी नैतिक, राजनीतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है.

    नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक होने बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग पर जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन जारी है.

    हालांकि इस मांग के समर्थन में अनशन पर बैठे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अपना अनशन तोड़ चुके हैं.

  12. दीपेंदर हुड्डा ने क्यों कहा, 'दिल्ली यूनिवर्सिटी को शर्म आनी चाहिए'

    दीपेंदर हुड्डा

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    कांग्रेस नेता दीपेंदर हुड्डा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स के प्रदर्शन को दिल्ली यूनिवर्सिटी के निर्देशों की आलोचना की है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा है, ''दिल्ली विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र और वर्तमान सांसद होने के नाते मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी के इस भ्रामक और डराने वाले बयान की कड़ी निंदा करता हूं.''

    ''सुप्रीम कोर्ट के किस फ़ैसले में यह कहा गया है कि जंतर-मंतर पर होने वाले सभी प्रदर्शन और सभाएं पूरी तरह गैरकानूनी हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय के इस बयान में ऐसा दावा किया है?''

    ''अपने स्टूडेंट्स से झूठ बोलने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय को शर्म आनी चाहिए.''

    दिल्ली यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स को निर्देश देते हुए लिखा , ''आपकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली कोई भी गैरकानूनी सभा या प्रदर्शन, जो भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक सख़्ती से रेगुलेटेड है, कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकते हैं.''

    ''ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से छात्रों की व्यक्तिगत सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है.''

    ''साथ ही, इससे उनकी पढ़ाई और भविष्य के पेशेवर अवसरों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है.''

    ''इसलिए सभी स्टूडेंट्स से आग्रह है कि वे जंतर-मंतर से दूर रहें, अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और कानून का पालन करें.''

  13. डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत इन देशों पर लगाया फिर से एक और टैरिफ़, माइकल रेस, फ्रांसिस्को वेलास्केज़ (न्यूयॉर्क) और जेम्मा क्रू, बिज़नेस संवाददाता

    डोनाल्ड ट्रंप

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    अमेरिका ने अपने लगभग 60 ट्रेड पार्टनर देशों पर नया टैरिफ़ लगाने का फैसला किया है.

    उसका कहना है कि ये देश जबरन मज़दूरी रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं. इसलिए ये टैरिफ़ लगाए जा रहे हैं.

    10 से 12.5 फ़ीसदी तक के ये टैरिफ़ अमेरिका के प्रमुख ट्रेड पार्टनर देशों के पर लागू होंगे. इनमें भारत, ब्रिटेन, चीन, यूरोपीय यूनियन, कनाडा और जापान भी शामिल हैं.

    ये टैरिफ़ शुक्रवार से लागू होंगे. इससे पहले इस साल विदेशी सामान पर लगाया गया अस्थायी 10 फ़ीसदी टैरिफ़ अब समाप्त हो रहा है.

    डोनाल्ड ट्रंप के पिछले साल दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद शुरू हुए ट्रेड वॉर में यह ताज़ा बड़ा कदम माना जा रहा है.

    इस साल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि आपातकालीन अधिकारों का इस्तेमाल करके दुनिया भर के देशों पर लगाए गए कई टैरिफ कानूनी रूप से वैध नहीं थे.

    इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी प्रमुख व्यापार नीति को लागू करने के लिए दूसरे कानूनी रास्ते अपनाने शुरू किए.

    पिछले महीने व्हाइट हाउस ने पहली बार प्रस्ताव रखा था कि जिन देशों पर जबरन मज़दूरी रोकने के लिए पर्याप्त प्रयास न करने का आरोप है, वहां से अमेरिका आने वाले सामान पर 10 से 12.5 फ़ीसदी तक का टैरिफ़ लगाया जाए.

  14. सीजेपी ने बताया कि अब इस जगह पर होगी सरकार से बातचीत

    सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास

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    इमेज कैप्शन, सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा है कि उनकी पार्टी की मांगें बरकरार हैं

    कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़ा समेत उनकी सारी मांगें बरकरार है.इस पर सरकार से बात होगी.

    सौरभ दास ने कहा, ''किसी न्यूट्रल जगह पर हमारी बातचीत की मांग सरकार ने मान ली है. हमें इसकी खुशी है. बातचीत के लिए कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को चुना गया है. हमें खुशी है कि सरकार खुले दिमाग से हमारे सामने आई है और वो सड़कों पर उतरे लोगों की बात सुनने के लिए तैयार है.''

    सौरभ दास ने कहा, ''वे जंतर-मंतर भी आ सकते थे. लेकिन हमने उनके सामने विकल्प रखा है. हम समझ सकते हैं कि जंतर-मंतर पर आने में वो हिचक सकते थे. हम समझदार पढ़े-लिखे लोग हैं.इसलिए हमने उनके सामने न्यूट्रल जगह का विकल्प रखा.''

    नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और कुछ मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शन कर रहे हैं.

    हालांकि इन मांगों के समर्थन में अनशन कर रहे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 26 दिनों बाद अपना अनशन ख़त्म कर चुके हैं.

  15. आधी रात को सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने पर अभिजीत दीपके ने क्या कहा

    अभिजीत दीपके

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    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार को आधी रात के बाद 26 दिनों के बाद अपना अनशन ख़त्म कर दिया है.

    इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने अपने वीडियो संदेश में इस पर खुशी जताई.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा, ''हमें राहत है और खुशी भी कि सोनम सर ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है. सर, आपके असाधारण साहस और त्याग के लिए आपका धन्यवाद. आपने अपनी जान जोखिम में डालकर पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया. आपका जीवन इस देश के लिए बहुत अनमोल है.''

    ''कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते.''

    नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर स्टूडेंट्स पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा चाहते हैं.

    इस मांग के समर्थन में सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे हुए थे.

  16. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

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