आरएसएस से जुड़े प्रल्हाद जोशी कौन हैं जिन्हें मिली है शिक्षा मंत्रालय की ज़िम्मेदारी

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शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया है.

रविवार सुबह भी जंतर मंतर पर पुलिस तैनात दिखी और बैरिकेड्स लगे हुए थे. पुलिस बल पहले के मुक़ाबले अब काफ़ी कम दिखा, जबकि प्रदर्शनकारी अपने घर लौट चुके हैं.

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को स्वीकार कर लिया और प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का प्रभार दिया गया है.

प्रल्हाद जोशी फ़िलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री हैं और उनके पास नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भी है.

सीजेपी के सौरव दास ने शनिवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "जो भी अगले शिक्षा मंत्री बनेंगे, उनको पता है कि युवा उन्हें देख रहा है. जब समय आएगा तो वो जवाब भी मांगेगा. इसलिए अच्छा काम करें और युवाओं के हित में काम करें. पेपर लीक रोकिए और हमारे मांग पत्र में जो पांच सुझाव थे उसे लागू करिए."

उन्होंने कहा कि सरकार ने वादा किया है कि एक महीने के अंदर नए शिक्षा मंत्री से मुलाक़ात होगी.

प्रल्हाद जोशी ने धर्मेंद्र प्रधान को लेकर क्या कहा

नई ज़िम्मेदारी मिलने पर जोशी ने शनिवार को कहा, "मुझे पता चला है कि प्रधानमंत्री ने मुझे यह ज़िम्मेदारी दी है. मैं इस ज़िम्मेदारी को कर्तव्य और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं और प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं."

उन्होंने आगे कहा, "मोदी सरकार के पिछले 12 साल में कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं. मैं पीएम के मार्गदर्शन में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करने की कोशिश करूंगा."

प्रल्हाद जोशी ने अपने एक्स हैंडल पर किए गए एक पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल का ज़िक्र भी किया.

उन्होंने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफ़र कई दशकों तक रहा है. देश के विकास के लिए उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी."

जोशी ने लिखा, "उनके (धर्मेंद्र प्रधान) कार्यकाल में नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को सफलतापूर्वक लागू किया गया. इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में 100 से ज़्यादा छोटे और बड़े सुधार किए गए."

"देशहित को सबसे ऊपर रखते हुए प्रधान जी का पद छोड़ने का फ़ैसला, देश के विकास में उनके योगदान को किसी भी तरह से नहीं रोक सकता. देश के विकास के रास्ते पर हमारी मुलाक़ात फिर होगी."

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कौन हैं प्रल्हाद जोशी?

संसद की वेबसाइट के अनुसार, प्रल्हाद वेंकटेश जोशी कर्नाटक से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार छह बार सांसद हैं.

उनका जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुर में हुआ था. साल 2004 में वे पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और तब से लगातार धारवाड़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

कर्नाटक में बीजेपी के प्रमुख संगठनात्मक नेताओं में गिने जाने वाले जोशी 2014 से 2016 तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे.

इसके अलावा, वर्ष 2014 से 2018 के बीच वे लोकसभा की पैनल ऑफ़ चेयरपर्संस के सदस्य भी रहे.

फ़िलहाल प्रल्हाद जोशी के पास शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अलावा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ज़िम्मेदारी है.

साल 2019 से 2024 के बीच वे संसदीय कार्य, कोयला और खनन मंत्रालय का भी नेतृत्व कर चुके हैं.

जोशी ने कर्नाटक के हुबली के रेलवे स्कूल और न्यू इंग्लिश स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा हासिल की.

इसके बाद उन्होंने श्री कदासिद्देश्वर आर्ट्स कॉलेज, हुबली से बीए की पढ़ाई की.

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सक्रिय राजनीति में आने से पहले वे उद्योग से भी जुड़े रहे. उनके पेशे के बारे में 'व्यापारिक व्यक्ति' लिखा है.

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक़, युवावस्था से आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) से जुड़े रहे प्रल्हाद जोशी पहली बार 1992 से 1994 के बीच हुबली के ईदगाह मैदान में हुए आंदोलन के दौरान चर्चा में आए थे.

इस आंदोलन में विवादित स्थल पर तिरंगा फहराने की अनुमति की मांग की गई थी.

संसद की वेबसाइट के अनुसार, 1998 से 2003 के बीच वे बीजेपी के धारवाड़ ज़िला अध्यक्ष रहे.

साल 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के बीएस पाटिल को हराकर वे पहली बार संसद पहुंचे.

इसके बाद उन्होंने 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी धारवाड़ सीट पर जीत बरकरार रखी और कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक सांसद रहने वाले बीजेपी नेताओं में शामिल हो गए.

जोशी के पास कितनी ज़िम्मेदारी

हालिया मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद प्रल्हाद जोशी के पास अब कुछ अन्य अहम मंत्रालयों की ज़िम्मेदारी है:

1. शिक्षा मंत्री (अतिरिक्त प्रभार)

2. उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय

3. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

साल 2019 से 2024 के बीच उन्होंने संसदीय कार्य मंत्रालय, कोयला मंत्रालय और खनन मंत्रालय की भी ज़िम्मेदारी संभाली.

इससे पहले, 2014 से 2019 तक वे कई संसदीय समितियों के सदस्य और अध्यक्ष रहे, जिनमें प्रमुख है: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष का पद.

प्रल्हाद जोशी और उनकी पत्नी के पास कितनी संपत्ति

2024 के आम चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को दिए गए हलफ़नामे के अनुसार, प्रल्हाद जोशी के पास गाड़ियों, ज्वेलरी, बैंकों और स्टॉक मार्केट में निवेश, कंपनियों और वित्तीय संस्थाओं में निवेश और बीमा पॉलिसीज़ के रूप में दो करोड़ 72 लाख 45 हज़ार 965 रुपये की चल संपत्ति है.

बेंगलुरु में उनके पास एक खुला प्लॉट है, जिसकी तत्कालीन क़ीमत दो करोड़ 60 लाख सात हज़ार 300 रुपये है. बेंगलुरु में ही उनका एक रिहाइशी अपार्टमेंट है, जिसकी क़ीमत 3 करोड़ 19 लाख 64 हज़ार 625 रुपये है.

हुबली में उनका रिहाइशी घर है, जिसकी क़ीमत 2 करोड़ 80 लाख 18 हज़ार 200 रुपये है.

हुबली में ही गोविंद जोशी के साथ क़रीब 30 हज़ार वर्ग फुट के एक खुले प्लॉट का संयुक्त मालिकाना है, जिसकी क़ीमत दो करोड़ 64 लाख 93 हज़ार 360 रुपये है.

प्रल्हाद जोशी पर बैंकों और सरकार से छह करोड़ 63 लाख 77 हज़ार 239 रुपये की देनदारी है.

उनकी पत्नी ज्योति प्रल्हाद जोशी के नाम 86 लाख 39 हज़ार 480 रुपये की अचल और 5 करोड़ 93 लाख 88 हज़ार 574 रुपये की अचल संपत्ति है.

उन पर सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से एक करोड़ 37 लाख 46 हज़ार रुपये की देनदारी है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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